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21 Dalit Kahaniyan (21 दलित कहानियां) (en Hindi)
Premchand, Munshi (Autor)
·
Diamond Pocket Books Pvt Ltd
· Tapa Blanda
21 Dalit Kahaniyan (21 दलित कहानियां) (en Hindi) - Premchand, Munshi
Libro Nuevo
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Reseña del libro "21 Dalit Kahaniyan (21 दलित कहानियां) (en Hindi)"
'प्रेमचंद की 21 दलित कहानियाँ' भारतीय साहित्य के उस महत्त्वपूर्ण खंड को उजागर करती हैं, जहाँ महान कथाकार प्रेमचंद ने पहली बार परानुभूति की शक्ति से समाज के सबसे वंचित और शोषित वर्ग के जीवन को केंद्र में रखा। यह संकलन उस समय की गवाही देता है जब दलित-विमर्श एक संगठित आंदोलन नहीं था, लेकिन प्रेमचंद ने स्वामी विवेकानंद और महात्मा गांधी के मानवतावादी विचारों से प्रेरित होकर, सामाजिक न्याय के प्रश्न को राष्ट्रीय चेतना से जोड़ा।यह संग्रह केवल 21 कहानियों का संकलन नहीं, बल्कि जातिगत क्रूरता, दमन और अछूतों के मानवीय गौरव की गाथा है। उनकी आरंभिक कहानी 'दोनों तरफ से' से लेकर 'सद्गति', 'ठाकुर का कुआँ' और 'कफन' तक। कहानियाँ उस समाज की निर्मम तस्वीर पेश करती हैं जहाँ धर्म और पाखंड ने मनुष्य को मनुष्य से अलग कर दिया था। प्रेमचंद ने इन कहानियों के माध्यम से पुरोहितवाद और सामाजिक पाखंड पर तीखा प्रहार किया और यह स्थापित किया कि ऊँच-नीच के भेद मिटाए बिना 'स्वराज्य' असंभव है।हालांकि वर्तमान दलित-विमर्श 'स्वानुभूति' को लेखन की एकमात्र कसौटी मानता है, प्रेमचंद का यह संग्रह दर्शाता है कि गहन 'परानुभूति' भी दलित जीवन की त्रासदी और उनके आत्मसम्मान को कì
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El libro está escrito en Hindi.
La encuadernación de esta edición es Tapa Blanda.
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